सेल क्या है

सेल क्या है?

  • सेल बैटरी का एक यूनिट है. जो केमिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलता है.जिसे हम सेल कहते है.

     # बैटरी क्या है?बैटरी की परिभाषा क्या है?

  • cell के समूह को बैटरी कहते है.जो इलेक्ट्रिकल एनर्जी को केमिकल एनर्जी में बदलता है.जिसे हम बैटरी कि परिभाषा भी बोल सकते है.

बैटरी किसे कहते है

ट्रांसफार्मर के बारे में जाने click here

 

   # सेल के फंक्शन. cell function definition

#सेल के फंक्शन दो तरह के होते है.

  1. इलेक्ट्रिकल एनर्जी को केमिकल एनर्जी में बदलता है.
  2. केमिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलता है.
  • बैटरी के सिंबल(symbol):  batter symbol

battery symbol

 

#सेल के symbol.  cell symbol electrical     

cell ka symbol

#इलेक्ट्रोलाइट क्या है. electrolyte kya hai hindi mein.

  • इलेक्ट्रोलाइट एक कंडक्टिंग लिक्विड (conducting liquid) कि तरह करंट को पास करता है.लेकिन जब भी करंट इससे ज्यदा गुजरता है. तो इलेक्ट्रोलाइट आयन (ions) में टूट जाते है. जैसे  – H₂SO₄→2 H+ + SO4– –

#केमिकल इफेक्ट ऑफ इलेक्ट्रिक करंट(chemical effect of electric current in hindi:)

  • जब भी कोई करंट किसी पदार्थ (electrolyte) से गुजरता है. तो इलेक्ट्रोलाइट आयन (ions)में टूट जाते है.इलेक्ट्रोलाइट के इसी परिवर्तन को ही केमिकल इफ़ेक्ट ऑफ़ इलेक्ट्रिक करंट कहते है.

#सेल कितने प्रकार के होते हैं?.cell ke prakar in hindi.

  • सेल दो प्रकर के होते है.
  1. प्राइमरी सेल (primary cell)
  2. सेकंड्री सेल (secondry cell)

#प्राइमरी सेल क्या है ? primary cell kya hai.

  •    प्राइमरी  सेल वह सेल है.जिसको हम एक ही बार इस्तेमाल कर सकते है.जो डिस्चार्ज होने पर रिचार्ज नही कर सकते है.वैसे सेल को प्राइमरी सेल कहते है.जैसे – टौर्च  कि बैटरी ,

प्राइमरी बैटरी

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सेकेंडरी सेल क्या है. secondry cell keya hai. 

  • सेकंड्री सेल वह सेल है,जिसका उपयोग हम बार -बार कर सकते है.जो डिस्चार्ज होने पर दोबारा रिचार्ज भी कर सकते है. जैसे :- मोबाइल कि बैटरी ,कार कि बैटरी ,आदि

सेकंड्री सेल

#बैटरी चार्जिंग मेथड .  battery charging methods in hindi.

  • d.c source से बैटरी को चार्ज करने के लिए बैटरी चार्जिंग मेथड दो प्रकार होते है.
  1. कांस्टेंट करंट मेथड (constant current method)
  2. कांस्टेंट वोल्टेज मेथड (constant voltagemethod)

#कांस्टेंट करंट मेथड ( constant current method of battery charging)

  • कांस्टेंट करंट बैटरी चार्जिंग मेथड का उपयोग नयी बैटरी को पहली बार चार्ज करने के लिए किया जाता है. इस विधि में एक्सटर्नल (external ) रेजिस्टेंस को कण्ट्रोल करके चार्जिंग के दोरान दी जाने वाली करंट को constant रखते है. क्योंकि नयी बैटरी को शुरु में चार्ज करने के लिए अधिक समय तक करंट कि जरुरी पड़ता है.

constant current charging method circuit diagram

#कांस्टेंट वोल्टेज मेथड से चार्जिंग (constant voltage method of charging):

  • कांस्टेंट वोल्टेज मेथड में चार्जिंग के समय वोल्टेज को एक जैसा रखना पड़ता है.जो कि शुरु में करंट अधिक रहती है,लेकिन जैसे -जैसे बैटरी चार्ज होती जाती है,उसमे काउंटर e.m.f पैदा हो जाता है.और ये दिए गए वोल्टेज को कम करके करंट को भी कम करता है.जिसे हम कांस्टेंट वोल्टेज चार्जिंग मेथड कहते है.यह विधि बहुत अधिक प्रयोग होती है.

constant voltage charging method

#ट्रिकल चार्जिंग?.trickle charging in hindi,

  • ट्रिकल चार्जिंग विधि में कम करंट पर बैटरी को अधिक देर तक चार्ज करने कि प्रक्रिया को ट्रिकल चार्जिंग कहते है.जैसे : – इमरजेंसी लाइट ,

#सोलर सेल (cell)क्या है?.सोलर सेल का सिद्धांत.

  • सोलर सेल वह इलेक्ट्रिकल डिवाइस(device) है.जो सौर उर्जा  को इलेक्ट्रिकल उर्जा  में photo voltaic इफ़ेक्ट के द्वारा परिवर्तित करता है.जिसे हम सोलर सेल कहते है. स्लर सेल को photo voltaic सेल भी कहते है. क्योंकि photo  का मतलब लाइट होता है,और voltaic का मतलब इलेक्ट्रिसिटी होता है.

सोलर सेल क्या है

#सोलर सेल का सिद्धांत

  • सोलर सेल तीन स्टेप में कार्य करता है
  1. सोलर एनर्जी को absorve करने के लिए सोलर पेनल लगाये जाते है.जो सोलर पेनल सौर उर्जा को एकत्रित करता है.और अपने निचे लगे कनवर्टर को दे देता है.
  2. कनवर्टर में सेमी कंडक्टर मटेरियल होता है.जिसको सिलिकॉन कहते है.
  3. N-टाइप और P – टाइप इलेक्ट्रान

#सोलर सेल का सिद्धांत ; – N – टाइप में एक एक्स्ट्रा इलेक्ट्रान होता है. और P- टाइप में एक होल है.जो दोनों अपोजिट चार्ज होने कि वजह से एक दुसरे को अकर्सित करते है.परन्तु एनर्जी गेप कि वजह से फ्री इलेक्ट्रान जम्प (JUMP)नही कर पता  है.इस तरह सोलर एनर्जी के उपयोग से एनर्जी गेप को ब्रेकअप करते है.तब फ्री इलेक्ट्रान N -टाइप से P – टाइप में जम्प कर जाता है. जिसके बिपरीत इलेक्ट्रिसिटी उत्पन होती है.इस इलेक्ट्रिसिटी को स्टोर करके डायरेक्ट उपयोग किया जा सकता है.

सोलर सेल का सिधांत

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