महानगर-क्या-है

महानगर क्या है,महानगर की परिभाषा क्या है? Mahanagar keya hai

   महानगर क्या है

  • महानगर ( Metropolitn ) जो नाम से ही पता चल जाता है.एक ऐसा क्षेत्र जो जनसंख्बया के आधार पर बहुत बड़ा हो और एक से अधिक शाहरो या एक से अधिक जिलो को मिलाकर बनाया गया हो.जिसमे आर्थिक ,राजनीतिक और संस्कृत का महत्पूर्ण केंद्र हो,जो संचार वाणिज्य और अंतराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़ा हुआ हो. भारत में  जनसंख्या के आधार पर महानगर की सूची(list) है.जो संविधान के 74वाँ संशोधन के नियम के आधार पर पारित किया गया है. Metropolitn (महानगर) एक ग्रीक शाब्द है.जो metropolitns (मेट्रोपोलिटनस) से बना है.जिसका अर्थ होता है.राज्य के मूल निवासी या नागरिक,.महानगर की जनसंख्या 10 लाख ज्यादा आबादी वाला क्षेत्र जिसमे एक से अधिक जिला शामिल हो सकता है.और इसमें एक से अधिक नगरपालिका और नगर पंचायत और निकटतम वाला क्षेत्र भी शामिल हो सकता है.भारत के 6 महानगर जो वर्तमान में इस प्रकार है.
    1.मुंबई
    2.दिल्ली
    3.चेन्नई
    4.कोलकाता
    5.बेंगलुरु
    6.हैदराबाद

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   नगरपालिका/नगरपालिका कितनी जनसंख्या पर बनती है

  • भारत में नगरपालिका और नगरपरिषद एक शाहरी स्थानीय निवास स्थान है.जो 74वाँ संशोधन अधिनियम 1992 के कुछ कर्तव्य और जिमेदारी के साथ सौपा गया है.अनुच्छेद 243Q के तहत प्रत्येक राज्यों के लिए इस तरह का गठन अनिवार्य किया गया है.नगर निगम भारत में एक स्थानिये स्तर की सरकार(local goverment) है.जो शाहरो जनसंख्या के अनुसार नगरपालिका,नगरनिगम,या नगरपरिषद आदि के नाम से जाना जाता है.नगरपालिका की जनसंख्या 20,000से अधिक लोगो मिलाकर बनाया जाता है.जो आगे चलकर 4 से 5 लाख हो जाती है. तब इसे नगर निगम घोषित किया जाता है.

     अध्यक्ष का चुनाव कैसे होता है

  • नगरपालिका या नगरनिगम के सदस्य जनता द्वारा 5 सालो के लिए चुने जाते है.जिसे पार्षद या नगर सेवक कहा जाता है.लेकिन शाहर की जनसंख्या के अनुसार वार्डो को विभाजित किया जाता है.इसमें कुल सीटो के आधे से अधिक सीटे जितने वाली कोई भी पार्टी चुनाव जीतती है.तो उस पार्टी को एक नया मेयर मिल जाता है.जो इसका प्रमुख नगर आयुक्त होता है..नगर आयुक्त का काम नगर निगम की नीतियों को लागु करना और बजट तैयार करना होता है. जो राज्य सरकार ही इसकी नियुक्ति करती है
  • नगरपालिका का मुख्य काम सड़क ,पानी का सप्लाई ,हॉस्पिटल ,स्ट्रीट लाइट ,ड्रेन बनाना ,फायर ब्रिगेड ,रजिस्टर में जन्म और मृतु का रिकॉर्ड रखना ,बगीचा का रखरखाव ,पार्क और playground,वंचित बच्चो को शिक्षा प्रदान करना ये सभी कार्य अनिवार्य है.नगर निगम के लिए.

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    नगर पंचायत क्या होता है.नगर पंचायत की जनसंख्या कितनी होती है.

  • जो ग्रामीण क्षेत्र शाहरी क्षेत्र में प्रवेश करता है.या जिस ग्रामीण क्षेत्र को शाहरी क्षेत्र का दर्जा मिला है.वंहा जो पंचायत का चुनाव होगा वो नगर पंचायत कहा जायेगा. जनगणना आयोग के अनुसार नगर पंचायत की जनसंख्या अगर 11000 से अधिक है.और 25000 से कम है.तो ऐसे स्थिति में इसको नगर पंचायत का दर्जा दिया जायेगा.

    नगर पंचायत में वार्डो की संख्या कितनी है.और नगर पंचायत कैसे बनता है.

  • प्रत्येक नगर पंचायत में एक समिति होती है.जिसमे वार्ड सदस्य के साथ एक अध्यक्ष होता है.वार्ड सदस्य में कम से कम 10 सदस्य निर्वाचित होते है.जो 5 साल के लिए मतदाता द्वारा चुने जाते है.और जितने भी काम नगर पंचायत के अन्दर होता है.वो सभी राज्य सरकार के द्वारा तय किया जाता है.

     नगर पंचायत क्या काम करती है.

  • नगर पंचायत के मुख्य काम जो इस तरह है.
    1 गली मोहाला में सड़क का निर्माण करना
    2 शाहरो में नालो के जरिये पानी को बाहर निकलना
    3 कुऑ, चापाकल और बांध का निर्माण करना
    4 नगर का विकास करना.

   ग्राम पंचायत किसे कहते है.ग्राम पंचायत के अधिकारी कौन होते है.

  • ग्राम पंचायत लगभग 3 से लेकर 10 गांवो को मिलाकर बनाया जाता है.ये आंकड़ा कम जादा भी हो सकता है.जनगणना आयोग के अनुसार जिस क्षेत्र की जनसंख्या 10,000 से कम होगी वो ग्राम पंचायत में गिना जायेगा. इसमें वार्डो का विभाजन जनसंख्या के आधार पर होता है.ग्राम पंचायत के अधिकारी जनता द्वारा बहुमत के आधार पर चुना जाता है.जिसका कार्यकाल 5 सालो के लिए होता है.जिसे ग्रामीण की भाषा में मुख्या और सरपंच, या पंचायत सदस्य भी कहते है.ग्राम पंचायत के कार्य भी राज्य सरकार द्वारा तय किये जाते है
  •  इसका  मुख्य कार्य कुछ इस तरह है.
    1 गावं में सड़क का निर्माण करना
    2 सिंचाई के लिए नलकूप या कुआँ का निर्माण करना
    3 बरसात के पानी को स्टॉक करने के लिए बांध का निर्माण करना
    4.गांव में बिजली व्यस्था को दुरुस्त करना
    5 सरकारी राशन का गरीबो में वितरण करना
    और भी बहुत सारे कार्य का जिम्मा पंचायत सदस्य के उपर होते है.

    तहसीलदार किसे कहते है.

  • तहसीलदार अपने तहसील का सबसे बड़ा राजस्व अधिकारी होता है.इसको कई जगह उप कलेक्टर के नाम से भी जाना जाता है.जिसका काम राजस्व जुटाना होता है. ज़मीन की रजिस्ट्री में भी इसका अहम योगदान होता है.अगर देखा जाये तो ब्लाक लेवल का सारे कामो में इसका कुछ ना कुछ योगदान होता है.तहसीलदार ब्रिटिश सरकार के समय भी होते थे.और आज भी है.जो राज्य सरकार ही इसे नियुक्त करता है.अगर तहसीलदार की सैलरी के बारे में बात करे तो शुरू में इसको 16,000 से लेकर 40,000 के बीच होती है.तहसीलदार बनना है तो उसके लिए ग्रेजुएशन की डिग्री अनिवार्य है.साथ में entrance exam को qualify करना पड़ता है.