बोकारो स्टील प्लांट

बोकारो स्टील प्लांट BOKARO STEEL PLANT

   बोकारो स्टील प्लांट

  • बोकारो स्टील प्लांट एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट है.और यह भारत का पहला स्वदेसी स्टील प्लांट है .जो सोबियत संघ कि मदद से बनी है .जिसे स्वदेसी इस्पात सयंत्र के नाम से भी जाना जाता है .यह झारखण्ड के बोकारो जिला में स्थित है .बोकारो स्टील प्लांट  सार्वजनिक क्षेत्र का चौथा स्टील प्लांट है.बोकारो इस्पात सयंत्र कुछ इस प्रकार उत्पादन होता है 
  1. cold rolled coil
  2. cold rolled sheet
  3. hot rolled sheet
  4. hot rolled coil
  5. tin mil black plate
  6. g.p sheet & g.c sheet

    बोकारो स्टील प्लांट हिस्ट्री BOKARO STEEL PLANT HISTORY

  • .बोकारो स्टील प्लांट का इतिहास ऐसा है.जब बोकारो का नामकरण नहीं हुवा था.तब इसी प्लांट का नाम माराफारी स्टील प्लांट था.माराफारी स्टील प्लांट जिस जगह पर बनाया गया था उस जगह पर घने जंगल हुआ करता था. सारे जंगल को काट कर प्लांट का निर्माण कराया गया है इस प्लांट का नाम माराफारी स्टील प्लांट रखा गया,लेकिन बाद में बोकारो में तब्दील करने का साजिश जो मैनेजमेंट चाहता था.वैसा ही हुआ आखिरकार मैनेजमेंट माराफारी को बदलकर बोकारो करने में सफल भी हो गया.किसी ने भी विरोध नही किया, क्योंकि उस समय जागरूकता कि कमी थी.अब पुरे देश इसे बोकारो स्टील प्लांट के नाम से जानने लगा है. .बता दे कि बोकारो में 80 गांव (64 मौजा ) विस्थापित हुए थे,जिसमे 19 गांव को छोड़कर बाकी सबको पुनर्वासित किया गया है.और नौकरी भी दिया गया है,लेकिन जो बचा हुआ 19 गांव है.उसमे ना तो कोई मुआवजा दिया गया नहीं ज़मीन वापस किया गया, लोग दर दर भटकते रहे,लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नही मिला

    कुल ज़मीन (BOKARO STEEL PLANT KA TOTAL ZAMEEN)

  • वर्ष 1956 में जब बोकारो स्टील प्लांट कि नीव राखी गयी थी.तब ये बिहार राज्य हुआ करता था.लेकिन भूमि अधिग्रहण का नोटिस पहले ही सरकार ने जारी कर दिया था.उस समय बिहार सरकार ये नही चाहते थे. कि इतनी बड़ी स्टील प्लांट कही और लगे.जिसके चलते बिहार सरकार ने कुल 31286.24 एकड जमीन प्लांट निर्माण के लिए दिया गया था.जिसमे 26908.56 एकड ,अर्जित भूमि 3600.215 एकड गैर मजरुआ और 778.56 एकड वनभूमि शामिल है.और उसके बाद प्लांट निर्माण कम भी शुरु हुआ स्थानिये लोगो ने भी प्लांट बनवाने में अपना भागीदारी निभाई .प्लांट भी तैयार हो गया और वर्ष 1968 में प्रधानमंत्री इन्द्रगंधी ने पहला ब्लास्ट फर्नेश का उद्घाटन किया था.तब इन्द्रगंधी ने कहा था,जब तक इस चिमनी से धुंवा निकलेगा तब तक यहाँ के विस्थापित को चतुर्थ वर्ग कि नौकरी मिलती रहेगी.लेकिन 2008 के बाद साजिश के तहत इस ग्रेड का बहाली बंद कर दिया गया.अब जानते है

 

    रॉ मटेरियल(RAW MATERIAL)

  • अब बात करते है. रॉ मटेरियल के बारे में ,रॉ मटेरियल जो है वो झारखण्ड के किरीबुरू और मेघताबुरु से इम्पोर्ट होती है.जहा बहुत बड़ा रॉ मटेरियल का भण्डार है.और कोयले कि आपूर्ति झरिया ,न्यूज़लैंड ,ऑस्ट्रेलिया से आती है.

    बोकारो जिला कब बना(BOKARO ZILA KAB BANA)


  • बोकारो जिला का निर्माण 1 अप्रैल 1991 को हुआ था .जो धनबाद जिला के कुछ प्रखंड और गिरिडीह जिला के कुछ अनुमण्डल को मिलाकर बनाया गया है जिसे  आज हम बोकारो जिला के नाम से जानते है .

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    बोकारो इस्पात संयंत्र की स्थापना:

  • Bokaro बोकारो इस्पात संयंत्र की स्थापना दिनांक 1 जनवरी 1964 को हुआ था .उस समय देश में जवाहरलाल नेहरू की सरकार थी .जिसने बोकारो इस्पात संयत्र का नीव राखी थी .

    बोकारो क्यों प्रसिद्ध है?

  •  Bokaro बोकारो स्टील प्लांट के चलते बोकारो आज के समय में बहुत पोपुलर जिला बन गया और भी बहुत ऐसे इंडस्ट्री है जो बोकारो को अलग ऊचाई तक पहुँचाया .जैसे  – डी.वी.सी, बियाडा ,डालमिया सीमेंट फैक्ट्री और भी छोटे छोटे फैक्ट्री है. बोकरो जिला जो है वह छोटा नागपुर पठार पर स्थित है .और ये अपने उधोग जगत के लिए प्रसिद्ध है .

    बोकारो जिला में कितने पंचायत है

  • Bokaro बोकारो जिला में कितने पंचायत है.सबसे पहले जानते है .बोकारो जिला में कितना गांव है ,बोकारो जिला में कुल 751 गांव है .जो वर्त्तमान में 676 गांव है . पंचायत कि संख्या 249 है .जिसमे से कुछ गांव को पंचायत में शामिल नही किया गया है. जिससे सरकारी सुविधा उन लोगो तक नही पहुचती है .वैसे गांव जो इंडस्ट्री एरिया में आता है .और जो मनेजमेंट के द्वारा विकास हो, वैसे गांव को शामिल नही किया गया है .

    बोकारो जिला में कितने प्रखंड है:-


  • Bokaro बोकारो जिला में कुल 9 प्रखंड है .जिसमे 2 अनुमण्डल है .चास अनुमण्डल और बेरमो अनुमण्डल ,बोकारो जिला के कुल 9 प्रखंड इस प्रकार है .
  1. बेरमो – पेटरवार
  2. बेरमो – बेरमो               
  3.  बेरमो – जरीडीह
  4. बेरमो – नवाडीह 
  5. बेरमो – गोमिया 
  6. बेरमो – कसमार 
  7. बेरमो – चन्द्रपुरा
  8. चास – चास 
  9. चास – चंदनकियारी

    बोकारो जिला में कितने विधानसभा है


  • बोकारो जिला में विधानसभा कि संख्या 4  है .जो इस प्रकार है . बोकारो विधानसभा , चंदनकियारी विधानसभा , बेरमो विधानसभा , गोमिया विधानसभा आदि . लेकिन बोकारो विधानसभा में बी.जे .पी, चंदनकियारी विधानसभा में बी.जे .पी, बेरमो विधानसभा में कांग्रेस और गोमिया विधानसभा में आजसू के कब्जे में ये सीट है.

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     स्वास्थ सेवा बोकारो हॉस्पिटल:-

  • बोकारो जनरल हॉस्पिटल जो b.s.l के अतर्गत आता है .जिला का सबसे बड़ा हॉस्पिटल माना जाता है .क्योंकि यहाँ पर सभी प्रकार के स्पेसिलिस्ट डॉक्टर होते है. जो हर तरह कि बीमारी का इलाज़ किया जाता है.मगर बोकारो स्टील प्लांट के जितने भी कर्मचारी होते है.जो परमामेंट है .उसके लिए ये हॉस्पिटल का निर्माण किया गया था.लेकिन अभी के समय में सभी प्रकार के लोग स्वास्थ सेवा लाभ ले रहे है . इसके अलावा और भी हॉस्पिटल है.जो झारखण्ड सरकार चला रही है. उनमे से सदर हॉस्पिटल प्रमुख है.और भी छोटे छोटे नर्सिंग होम बहुत सारे मौजूद है.

  बोकारो के पर्यटन स्थल:-

  •  लुगुबुरु
  • सिटी पार्क
  • जवाहरलाल नेहरु जेविक पार्क
  • गरगा डैम
  • तेनु डैम

     लुगुबुरु

  • लुगुबुरु घंटाबड़ी बहुत ही लोकप्रिय जगह है .और ये  गोमिया प्रखंड के ललपनिया गांव के अंतर्गत आता है .और तेनु डैम के तलहटी पर स्थित है .यहाँ हर साल लाखो लोग लुगु बाबा के दर्शन करने  के लिए देश विदेश से लोग आते है .लुगुबुरु कि हरियाली और तेनु डैम का जलाशय यहाँ का  प्रयर्टक स्थल बना हुआ है. ललपनिया में एक पॉवर प्लांट भी है .जो T.T.P.S के नाम जाना जाता है . लेकिन लुगुबुरु घंटाबड़ी कि अपनी अलग संस्कृति है .जो उसको अलग पहचान मिली है .यहाँ लोग अपनी कष्ट दूर करने के लिए लुगुबबा से मन्नत मागते है .और लुगुबबा उसे पूरा भी करते है .ऐसे लोगो कहना है .यहाँ हर साल कार्तिक पूर्णिमा में दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है. जिसमे लाखो लोग बड चढ़ के हिसा लेते है .उस दिन ललपनिया का पूरा ट्रैफिक सिस्टम जाम होता है .क्योंकि गाड़ी कि संख्या इतनी अधिक होती है .जो लोग लुगुबबा का दर्शन करने के लिए आते है .वो सबसे पहले लुगु पहाड़ चढ़ना पड़ता है .और वंहा से करीब 7 किलोमीटर पैदल चलना  पड़ता है .उसके बाद मिलता है .एक गुफा जो बहुत बड़ा है .गुफा के अन्दर जाने से पहले स्नान करना पड़ता है. लुगुबबा कि कृपा है जो इतने घने जंगल के अन्दर भी झरना है .जो प्रचंड गर्मी में भी नही सूखती है .यहाँ इस झरने में लोग नहाते है उसके बाद गुफा कि और जाने कि तेयारी होती है .गुफा के अन्दर जाने के बाद एक शिवलिंग मिलती है .जो लोग उसे पूजा करते है . लेकिन गुफा के अन्दर कितनी दुरी तक गुफा है . ये किसी को भी पता नही है .

लुगुबुरु                      लुगुबुरु

    सिटी पार्क(city park)

  •  सिटी पार्क बोकारो शाहर से करीब 2 किलोमीटर कि दुरी पर स्थित है .लेकिन फॅमिली ,बच्चा,दोस्त के साथ टाइम बिताने का बहुत बेहतरीन जगह है .और पिकनिक स्पॉट के लिए भी बहुत अच्छा जगह माना जाता है . सिटी पार्क बोकारो के सेक्टर 3 में है .यहाँ पर कित्रिम झील भी है.जो नौका के चलने के लिए प्रसिद है .जिसे लोग नौका बिहार के नाम से भी जानते है .यहाँ पर चारो तरफ पेड़ पौधा और हरियाली जो लोगो को अकर्सित करती है .
    सिटी पार्क           सिटी पार्क

     जवाहरलाल नेहरु जैविक पार्क

  •   जवाहरलाल नेहरु जैविक पार्क एक जैविक उधान है .यानि चिड़ियाघर में जितने जानवर पंछी रहते है .वे इस पार्क में मिलेगे जवाहरलाल नेहरु जेविक पार्क का निर्माण 80 के दशक में हुआ था .जो बाद इसे 90 के दशक में अंतिम चिड़ियाघर का रूप दिया गया ये पार्क सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) द्वारा  संचालित होती है.इस पार्क में बहुत से चिड़िया ,जानवर , जो बिलुप्त हुए है. उसे देश विदेश से यहाँ लाया गया है .इस पार्क में बच्चो के लिए ट्रेन ,और नौका यानं कि भी सुविधा उपलब्ध है . जो बच्चा के लिए अकर्सन का केंद्र बना हुआ  है .इस पार्क में स्कूल के बच्चे हर साल दूर दूर से पिकनिक मानाने के लिए आते है .जिस वजह से इसे भी पिकनिक स्पॉट का दर्ज़ा प्राप्त है . और राज्य का बड़ा जैविक उधान का भी दर्ज़ा प्राप्त है.

जवाहरलाल नेहरु जैविक पार्क        जवारलाल नेहरु जैविक पार्क

      गरगा डैम(garga dam)

  • गरगा डैम बोकारो वासी के लिए बहुत ही सुन्दर जगह है .जो पिकनिक मनाने के लिए अच्छा है .गरगा डैम बोकर शहार से लगभग 13 किलोमीटर कि दुरी पर स्थित है .और बोकारो रेलवे स्टेशन के नजदीक पड़ता है. यह डैम बोकारो शहर वासी के लोगो को पानी कि आपूर्ति के लिए बनाया गया है.और बिजली उत्पादन के लिए भी इस डैम का पानी उपयोग किया जाता है.

गरगा डैम गरगा डैम

     तेनु डैम(tenu dam)

  • बोकारो तेनु डैम या तेनुघाट डैम शहर से लगभग 75 किलोमीटर कि दुरी पर पश्चिम दिशा में स्थित है.और ये बेरमो अनुमण्डल के पेटरवार ब्लॉक के अंतर्गत आता है.तेनु डैम का निर्माण 1973 ई में किया गया था .इस डैम के निर्माण के दो कारण थे .सबसे बड़ा कारण तो या था कि बोकारो के इंडस्ट्री को पानी उपलब्ध कराना चाहे वो सेल हो या दूसरा प्लांट हो .और दूसरा कारण था.बोकारो के नागरिको को सिचाई हेतु पानी उपलब्ध कराना. तेनु डैम का जल भण्डारण जो है!वो खंडोली झील के द्वारा किया गया है .और इसकी टोटल जल भण्डारण क्षमता  6,300 AC फीट है.और इसकी ऊचाई 55 मीटर (180 फीट) है .और लम्बाई 5000 मीटर (16000 फीट ) है. तेनु डैम में 10 बड़ा गेट है !जो बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने पर इस गेट को खोला जाता है.जिससे नदी में बढ़ आ जाती है .और गर्मी के मौसम में छोटे गेट को खोला जाता है .जिसको रेडियल गेट भी कहा जाता है .तेनु डैम को झारखण्ड गवर्मेंट कंट्रोल करती है .लेकिन इसको टूरिज्म जगह बनाने के लिए सरकार काम कर रही है .यहाँ पर पिकनिक के लिए बहुत ही सुन्दर जगह माना जाता है .जो सेलानियो के लिए अकर्सन का केंद्र है .

तेनु डैम या तेनुघाट डैम

   बोकारो पिन कोड(zip code)

  •  पिनकोड या ज़िप कोड 827001 है ,

  R.T.O CODE

  • jh09,

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