बिजली उत्पादन power generation

बिजली उत्पादन power generation

बिजली उत्पादन

आज के समय में बिजली का क्या योगदान है.मनुष्य जीवन में, ये लगभग सभी को पता है.जिस तरह इन्सान को जिन्दा रहने के लिए रोटी चाहिए,ठीक उसी प्रकार से अंधरे को भागाने के लिए रोशनी यानि बिजली चाहिए.आज शाहर से लेकर गांव तक सभी जगह बिजली उपलब्ध हो चुकी है.आज हम बात करेंगे जिस बिजली से इतने सारे काम होते है.वो आखिर बनता कैसे है तो इस लेख को पूरा पढ़े ताकि कोई भी जानकारी मिस ना हो.

fuse keya hai janne ke liye click kare

बिजली का उत्पादन कैसे होता है

बिजली का उत्पादन फेराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के सिधांत पर ही कार्य करता है.यानि किसी चुम्बकीये फ्लक्स में किसी कंडक्टर को घुमाया जाये तो उस कंडक्टर में e.m.f पैदा हो जाता है.यह e.m.f तब तक पैदा होता रहेगा जब तक कंडक्टर घूमता रहेगा. जिसे हम टईरबन या प्राइम मूवर भी कहते है.इसमें दो चुम्बकीये पोल होते है.जिसे N (north pole) और दूसरा S (south pole) के नाम से जाना जाता है.इसी दो चुम्बक के बीच में कंडक्टर को रखकर घुमाया जाता है जो घुमाने तरीका अलग अलग हो सकता है.आगे हम सभी तरीका के बारे बात करेंगे.

कितनी तरीका से बिजली का उत्पादन किया जाता है

बिजली का उत्पादन 9 तरीका से किया जा सकता है,ये बढ़ भी सकता है.

1.Steam power plant (भाप से बिजली बनाना )

2.Hydral power plant (पानी से बिजली बनाना )

3.Nuclear power plant (अणु से बिजली बनाना)

4.Diesel power plant (डीजल से बिजली बनाना)

5.wind power station (पवनचकी से बिजली बनाना)

6.solar power station (सौर उर्जा से बिजली बनाना)

7.Geothermal power plant (भू – तपिये उर्जा से बिजली बनाना)

8.natural gas power plant (प्राक्रतिक गैस से बिजली बनाना)

9.biomass power plant (बायोमास से बिजली बनाना)

1.STEAM POWER PLANT (भाप से बिजली बनाना ) कोयले से बिजली कैसे बनती है

भाप से बिजली बनाने के लिए सबसे पहले कोयले को क्रेशर मशीन के द्वारा क्रेश किया जाता है.बिल्कुल पाउडर कि तरह फिर उसे एक air heater में डालते है.जो air fan कि मदद से उसे BOILER COAL BUNKER में डाला जाता है.कयोंकि कोयले उतेजित अवस्था में होते है.इसलिए आलर फर्नेश में जाते ही अचानक आग पकड़ लेती है.ये ही वो फर्नेस होता है.जिसके चारो और दीवारों में पानी कि टियूब लगा रहता है.और पानी लगातार चलता रहता है.यहाँ पानी भाप में बदल जाता है.और इसी भाप कि मदद से टईरबन को घुमाया जाता है.जिसे बिजली का उत्पादन होता है.ये बिजली 11000 वोल्ट में पैदा किया जाता है.जो ट्रांसफार्मर कि मदद से इसे बढाया जाता है.

2.Hydral power plant (पानी से बिजली बनाना ) पानी से बिजली कैसे बनाई जाती है
youtube se paise kaise kamye

 

पानी से बिजली उस जगह पर बनाया जाता है.जंहा बड़े बड़े डैम को बनाया गया है.जैसे – भाखड़ा नंगल ,चम्बल परियोजना,और भी बहुत सारे डैम है.इसमें भी  वही प्रक्रिया होता है.फर्क सिर्फ इतना है.कि इसेमें पानी कि गति से टईरबन को घुमाया जाता है.सबसे पहले पानी को बड़े डैम में store किया जाता है.उसके बाद लगभग 20 से 30 फिट कि  ऊंचाई से पानी को गिराया जाता है.जंहा टईरबन होता है.यहाँ पानी कि धार इतनी तेज़ pressure में रहती है.जो बहुत ही आसानी से टईरबन को घुमाती है.जिससे बिजली कि उत्पादन होती है.

3.Nuclear power plant (अणु से बिजली बनाना)

Nuclear उर्जा एक कमाल कि उर्जा है.जो एक किलोग्राम एटोमिक मटेरियल से इतनी ऊष्मा शक्ति पैदा कि जा सकती है.जितना 2700 क्यूँटल कोयला जलाने से मिलती है. इस प्रकार कि बिजली उत्पादन में युरेनियम -235 का इस्तेमाल किया जाता है.जो एटोमिक रिएक्टर द्वारा इसे बिखंडन किया जाता है.जिससे ऊष्मा का निर्माण होता है.और इसी ऊष्मा के माध्यम से पानी को भाप में बदला जाता है.और इसी भाप से टईरबन को घुमाया जाता है.जिससे बिजली का उत्पादन किया जाता है.

4.Diesel power plant (डीजल से बिजली बनाना)

डीजल से बिजली का उत्पादन भी वैसा ही है.इसमें डीजल इंधन के माध्यम से जनरेटर के रोटर को घुमाया जाता है.जिसे बिजली का उत्पादन होता है.इसमें 220V से लेकर 440V तक उत्पादन किया जाता है.इस प्रकार के बिजली का उपयोग ज्यदातर शादी समारोह ,सिनेमाघर ,और छोटे फैक्ट्री में किया जाता है.ऐसे जनरेटर एक स्थान से दुसरे स्थान आसानी से ले जा सकते है.

5.wind power station हवा से बिजली कैसे बनाएं

पवन चक्की से बिजली बनाने के लिए सबसे पहले उस जगह को खोजा जाता है. जंहा हवा कि गति प्रयाप्त होती है.इसके लिए किसी ऊँचे स्थान कि जरुरत पड़ती है.पवन चक्की से बिजली बनाने के लिए हवा के द्वारा उसके ब्लेड को घुमाया जाता है.जिसके साथ साथ पवन टईरबन भी घूमता है.और इसके e.m.f को कलेक्ट करने के लिए एक जेनरेटर कि सहायता ली जाती है.जिसका कनेक्शन सीधे ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ा होता है.जो एक स्टेप – अप ट्रांसफार्मर कि मदद से इसे बढाया जाता है.इसके बाद जरुरत के हिसाब से आगे भेजा जाता है.

6.solar power station (सौर उर्जा से बिजली बनाना)

सौर उर्जा से बिजली बनाना आज के समय में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.और आने वाले समय में इसका सबसे अधिक उपयोग होगा. क्योंकि कम खर्च में बिजली का उत्पादन होगा.जिससे पर्यावरण दुषित नहीं होगा सौर उर्जा से बिजली बनाने के लिए बड़े बड़े सोलर पेनल को लगाया जाता है इससे बिजली बनाने के लिए photovoltaic cell का उपयोग किया जाता है.इसमें दो टाइप के सेमी कंडक्टर होते है.जिसे p type और n type कहा जाता है.जो सौर उर्जा को इलेक्ट्रिसिटी में बदलता है.लेकिन ये इलेक्ट्रिसिटी d.c करंट होता है.जो बाद में जनरेटर कि मदद से या फिर इन्वर्टर कि मदद से A.C करंट में बदला जाता है.

7.Geothermal power plant (भू – तपिये उर्जा से बिजली बनाना)

भू – तपिये उर्जा से बिजली बनाने के लिए सबसे पहले उस जगह को खोजा जाता है.जंहा ज्वालामुखी का लावा निकलता हो.क्योंकि ये टेकनिक उसी जगह काम आता है.इसमें धरती को कुआँ कि तरह खोदा जाता है.इसके अन्दर से जो भी पदार्थ निकलता वह बहुत गर्म होता है.उसमे से एक पानी है.जो बहुत गर्म होता है.इसी को भाप में बदलकर टईरबन को घुमाया जाता है.जिससे बिजली उत्पादन होती है.इस तरह का टेकनिक जापान,इंडोनेशिया ,फिलिपींस और भी कई देशो में इसका इस्तेमाल करके बिजली बनाया जाता है.

8.natural gas power plant (प्राक्रतिक गैस से बिजली बनाना)

नेचुरल गैस से बिजली बनाने के लिए गैस के माध्यम से पानी को भाप में बदला जाता है.और उस भाप से टईरबन को घुमाया जाता है.जिससे बिजली का उत्पादन होता है.ये टेकनिक वैसा ही है.जैसे कोयला से बिजली बनाना,अंतर सिर्फ इतना है.कि इसमें गैस से पानी को भाप में बदला जाता है.जबकि उसमे कोयला को जलाकर पानी को भाप में बदला जाता है.

 9.biomass power plant (बायोमास से बिजली बनाना)

बायोमास से बिजली बनाने के लिए चावल के छिलके, खेती से जो WASTE मटेरियल जामा होता है.उसे जलाकर पानी को भाप में बदला जाता है.और इसी भाप से टईरबन को घुमाया जाता है.जिससे बिजली का उत्पादन होता है.जिसे हम बायोमास पॉवर प्लांट कहते है

 भारत में सबसे ज्यादा विद्युत उत्पादन किससे होता है

भारत में सबसे अधिक बिजली का उत्पादन कोयला से और पानी से किया जाता है. भारत में कोयले कि कमी नही है. और नहीं जल कि कमी है.और भी तरीका से बिजली का उत्पादन होता है.ज्यदातार राज्यों में येही दो तरीका से ही बिजली का उत्पादन हो रहा है.अगर हम झारखण्ड कि बात करे तो यंहा तीन पॉवर प्लांट है.जो कोयला से बिजली बनती है.जो पश्चिम बंगाल तक को बिजली दिया जाता है.

नोट  – हमने इस लेख के जरिये बिजली उत्पादन के बारे में समझाने कोशिश किया है.हमे उमीद है. कि आपलोग भली भांति समझ गए होंगे.अगर इस लेख में कुछ कमी रह गया है.या इसमें कुछ जोड़ना है.तो हमे कमेंट करके जरुर बताये.